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शनिवार, 23 जुलाई 2011

रचना जी का शुक्रिया -नारी ब्लॉग से हटाने के लिए

रचना जी का शुक्रिया -नारी ब्लॉग से हटाने के लिए

दो दिन पूर्व मुझे ''नारी''ब्लॉग की व्यवस्थापिका सुश्री रचना जी का मेल प्राप्त हुआ .
''आप दोनों को नारी ब्लॉग की मान्य सदस्या माना हैं
आप दोनों को यहाँ सदस्य
http://blogkikhabren.blogspot.com/2011/07/against-dress-code-for-women.html

देख कर बहुत आश्चर्य हुआ और उस से भी ज्यादा दुःख हुआ की जो आदमी औरतो के ऊपर
निरंतर लिखता हैं और जिस को हर किसी ने ब्लैक लिस्ट कर रखा हैं आप उस से हाथ
मिलाये हैं और मेरे ऊपर आई वाहियात पोस्ट पर भी चुप हैं

आप का नज़रिया जानना चाहती हूँ
रचना
नारी ब्लॉग मोडरेटर''

इस मेल को पढ़कर  मैंने रचना जी के साथ चैट की जो इस प्रकार है -
रचना: namastey shikha ji
रचना: aap ko ek email bhajee thee
रचना: kyaa daekhnae kaa samay mila
मुझे: yes i have recieved this right now
रचना: ok
रचना: i think you have joined hand with a very wrong person who is
abusive about woman
रचना: he has been thrown out of hamarivnai
रचना: for his dirty post on woman
मुझे: i am on ''blog ki khabre ''and other anwar jamal ji 's blog only
to express my views .
रचना: why promote such a platform that abuses woman
रचना: because you people support him he writes on woman in dirty language and
रचना: goes scot free
रचना: any ways this to me simply means that dignity of your woman
friends mean very less for you
मुझे: he behaves with me as a brother .
रचना: that in the beg n he behaves with every one
रचना: but he is a offender
मुझे: if his thinking is not right i can try to advice him .o.k. have a nice day

अभी इस पोस्ट में लिंक जोड़ा है तो पता चला है कि-


''यह ब्लॉग मात्र आमंत्रित पाठकों के लिए है

http://indianwomanhasarrived.blogspot.com/ लगता है आपको इस ब्लॉग को पढ़ने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है. अगर आपको लगता है कि कोई गलती हुई है, तो आप ब्लॉग के लेखक से संपर्क कर एक आमंत्रण के लिए अनुरोध कर सकते हैं.''अर्थात  अब मैं इसे देख भी नहीं सकती हूँ .
    मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगी  रचना जी से आप पूरे ब्लॉग जगत में नज़रे घुमाकर देखिये आप जैसा कोई नहीं .हरीश जी से अनवर जी की रोज किसी न किसी विषय पर मत भिन्नता  रहती है पर उन्होंने मुझ पर विश्वास कर मुझे अपने ब्लॉग ''ब्लॉग के समाचार ' का प्रधान संपादक तक बना डाला .आप ने अनवर जी की जितनी निंदा की है वो किसी न किसी आलेख को लक्षित कर की है पर मैं उनके व्यक्तित्व को महत्त्व देती हूँ .आलेख में व्यक्त विचारों से हो सकता हैं मैं भी सहमत न  हूँ  पर ''प्यारी माँ'' जैसे ब्लॉग को सृजित करने वाला व्यक्ति एक सभ्य व्यक्ति ही होगा .उसपर  उनकी  पोस्ट जो उनकी  बिटिया  से सम्बंधित  है उसपर  भी नज़र डाल लीजिये .मुझे अपने व् शालिनी जी के ''नारी ''ब्लॉग '' से हटाये जाने से कोई आपत्ति नहीं है .रचना जी का ब्लॉग है वे जो चाहे कर सकती हैं पर एक प्रश्न ह्रदय में उठता ही है कि क्या इस तरह वे ''नारी सशक्तिकरण '' को परिभाषित करती है कि ''किसी भी पुरुष पर स्त्री विरोधी होने का आरोप लगा दे और यह भी न जाने कि vo  निजी जीवन में कितना सम्मान करता है स्त्री जाति का ''.रचना जी का कई महीने पूर्व एक मेल शालिनी जी को   ''सलीम जी ''के सम्बन्ध में भी प्राप्त हुआ था कि ''इनकी पोस्ट  पर कमेन्ट न करें ये ठीक लोग नहीं है ''-ब्लॉग जगत में इस प्रकार की गतिविधियों से मैं व् शालिनी जी नितांत अनभिज्ञ  रहे हैं और कौन व्यक्ति क्या है -इस बारे में कम से कम रचना जी की बात पर तो विश्वास करना मुश्किल ही है . 
                      हो सकता है उन्होंने ''नारी''ब्लॉग पर अन्य योगदानकर्ताओं के बारे में भी जाँच कर ली हो यदि नहीं की है तो तुरंत कर लेनी चाहिए क्योंकि उनके ब्लॉग की कई अन्य सदस्य भी अनवर जी व् सलीम जी के ब्लोग्स पर न केवल योगदानकर्ता है बल्कि पदासीन भी हैं .
               मैं अपनी सभी नारी सम्बंधित रचनाओं के लिए एक नए ब्लॉग  ''भारतीय नारी ''का सृजन भी कर रही हूँ क्योंकि मुझे विश्वास है की अति नारी वादी रचना जी ने मेरी व् शालिनी जी की सभी रचनाये भी अपने ब्लॉग से हटा दी होंगी  .
             मैं पूनम पांडे जैसी नारियों का साथ कभी नहीं दे सकती की नारी अस्मिता    को तार   तार    कर वे जो चाहे नारी सशक्तिकरण    के आधार    पर पहने    अथवा     कुछ    भी न पहने   और न  ही अन्य नारीवादियों की तरह सूर्पनखा को महिमा मंडित करने के लिए श्री लक्ष्मण जी के उज्जवल चरित्र पर उंगली उठा सकती हूँ मात्र  इसलिए  की सूर्पनखा भी एक स्त्री थी  .मैं हमेशा माता सीता जैसे चरित्रों के साथ हूँ जिन्होंने स्त्री जाति को सम्मान दिलाया है और मर्यादा को कभी नहीं छोड़ा   .
          रचना जी का एक बार  और शुक्रिया   .

---------- Forwarded message ----------
From: रचना Rachna <indianwomanhasarrived@gmail.com>
Date: Thu Jul 21 05:08:00 PDT 2011
Subject: रचना Rachna के साथ चैट करें
To: shikhapkaushik@gmail.com
 

20 टिप्‍पणियां:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

मैं आप दोनों बहनों की हमदर्दी के लिए शुक्रगुज़ार हूं। मुझे बहुत दुख हुआ कि मेरी वजह से आपको नारी ब्लॉग से हटा दिया गया। उन्होंने सभी नारियों को आदेशित किया होगा तभी आप देखें कि प्यारी मां पर मैंने कन्या भ्रूण हत्या और भ्रूण रक्षा के विषय पर लेख लिखा और यह लेख मेरी बेटी अनम के लिए था। आपके अलावा कोई नारी दो शब्द न तो विषय पर कहने के लिए आई है और न ही मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर ही किसी बहन ने हमदर्दी ज़ाहिर की.
जब सभी चुप रहीं तो आप भी चुप रह जातीं तो मुझे कोई शिकायत न होती।
रचना जी एक व्यक्ति केंद्रित सोच वाली महिला हैं। ‘नारी‘ का अर्थ वह केवल अपने लिए यूज़ करती हैं बाक़ी किसी नारी या कन्या से उन्हें कोई मतलब नहीं है। वह समझती हैं कि बिना लाग लपेट के केवल वही बात कर सकती हैं लेकिन जब मैंने उनसे उन्हीं की शैली में बात की तो मुझसे ख़ार खाने लगीं। वह मुझे कहती हैं कि मैं गाली देता हूं जबकि वे मुझे गालियां दे रही हैं । देखिए ‘ब्लॉग की ख़बरें‘ पर
‘लेडी रचना और डा. अमर कुमार‘ वाली पोस्ट। जबकि वे कहीं नहीं दिखा सकती हैं कि मैंने उन्हें कभी गाली दी हो।

ख़ैर आप ख़ामख्वाह रगड़ दी गईं।
क्या आपको अपने फ़ैसले लेने की आज़ादी नहीं है ?
क्या आपके फ़ैसले रचना जी लेंगी ?

Atul Shrivastava ने कहा…

माफ कीजिएगा आम तौर पर मैं इस तरह के विवाद में पडता नहीं अपनी लेखनी में ही व्‍यस्‍त रहता हूं और अपनी समस्‍या से ही समय नहीं बचता लेकिन इस मामले में लिखने से खुद को नहीं रोक पाया।

शिखा बहन, रचना जी का यह अंदाज कोई नया नहीं है। एक बार मेरी एक पोस्‍ट पर एक तस्‍वीर को हटाने के लिए वो अड गई थीं... मुझ पर ऐसे दबाव डाल रही थीं जैसे मेरा ब्‍लाग उनकी दया से चल रहा है।
खैर आप अपना कर्म करते रहिए। आप अच्‍छा लिखेंगी तो लोग आपसे जुडेंगे ही... बेखौफ होकर....
शुभकामनाएं आपको..........

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

आपने कहीं तो हिम्मत दिखाई.अगर आप सही हैं तब डर किसका? मौत का ? क्या जिस दिन मौत आएगी आप रोक सकती हो? फिर डर कैसा?

जब सब जगह हो निराश, तब सिरफिरा के पास आओ. सिरफिरा सच के लिए सिर कटवाना

जानता है. सच लिखने का ब्लॉग जगत में सबसे बड़ा ढोंग-सबसे बड़ी और सबसे खतनाक पोस्ट http://shakuntalapress.blogspot.com/2011/07/blog-post.html

रचना ने कहा…

shukriyaa is post kae liyae

naari blog par un sab ki sadsyataa mae samaapt kar rahee hun jo sabsey pehlae naari blog sae mail bhej kar judtey haen aur phir dusrae mancho sae jaa kar judtey haen aur har us jagah jaa kar kament karty haen jahaan mahila par kament hotaa haen

6 amhinae mae aur bhi bahut sae sadsyon ko hataa dungi

रचना ने कहा…

blog par aapki rachnaae vaesi hee haen
ab unko aap bhi nahin hataa saktee
aur rehgayee baat nayae blog bananae ki mujhe khushi haen ki naye sae nayae blog banae naari par aur yae bhi khushi haen yae raastaa maene hi banaya haen

रचना ने कहा…

anwar jamal ji apni wo post khoj lijiyae jis mae aap ne mujhe aur divya ko apshabd kahae thae

itni kamjor haen aap ki yaad dasht pataa naa thaa aur apshbad to chhodiyae jo apne kehaa thaa wo ab shabd sae bhi jyaada thaa

yaad aayaa

रचना ने कहा…

http://ahsaskiparten.blogspot.com/2010/12/patriot.html?showComment=1294114137459#c901465747406333690

leejiyae khoj dee aap kae hi blog par aap ki post

रचना ने कहा…

atuk shrivastva ji
kisi bhi aurat kaa nanga chitr hatvana apradh haen aaj pataa chalaa

रचना ने कहा…

please read atuk as atul
sorry for typing mistake

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

चौपट नीति
@ रचना जी ! मैंने आपके दिए हुए लिंक को चेक किया तो पाया कि यह लिंक आपके कमेंट का है जो आपने मेरे ब्लॉग पर किया है। मैंने आपके द्वारा कहे गए अपशब्दों का लिंक नहीं मांगा है बल्कि यह कहा है कि मैंने आपको कहीं कोई अपशब्द नहीं कहा है। आप जिस पोस्ट का हवाला दे रही हैं। उस पर भी मेरे द्वारा आपको कहीं भी कोई गाली नहीं दी गई है। जब आप दिखा नहीं सकीं तो ऐसे ही बेतुके लिंक दे रही हैं। याद रखिए कि जब लिंक को प्रमाण के तौर पर पेश किया जाए तो लिंक ऐसा तो हो जिससे बात प्रमाणित होती हो।
इसके जवाब मैं आपको अपने 20 , 30 , 40 या उससे भी ज़्यादा कमेंट ऐसे दिखा दूंगा जहां मैंने नारी का सम्मान किया है। अच्छी नारी तो है ही आदर की पात्र, मैंने तो उन नारियों को भी सम्मान दिया है जिन्हें आम लोग ‘बुरे नाम‘ से पुकारते हैं।
या तो अपनी बात प्रमाणित कीजिए वर्ना ग़लतफ़हमी फैलाने और डिक्टेटरशिप चलाने का रवैया छोड़ दीजिए। अब यहां हम भी है। यह ब्लॉग जगत हमारे आने के बाद बहुत बदल गया है।
आपको भी बदलना होगा।
...और आप बदल भी रही हैं। आप सदा बुर्क़े के खि़लाफ़ रही हैं और अब आपने अपने ब्लॉग ‘नारी‘ को ही बुर्क़ा पहना दिया है , वाह भई वाह !
ख़ूब फ़ैसला लिया आपने अपने ब्लॉग के लिए।
आपने शिखा जी को और शालिनी जी को तो तुरंत बिना किसी नोटिस के ही हटा दिया है और दूसरों को हटाएंगी 6 महीने में ?
किस बात का डर है आपको दूसरों को तुरंत हटाने में ?
किसी को बाद में हटाइयेगा, पहले आप यह क़ुबूल कर लीजिए कि आपका कोई उसूल नहीं है। आप मौक़ा देखकर काम करती हैं और जमे हुओं पर एक्शन लेने से डरती हैं जबकि नए ब्लॉगर्स के बारे में आपके दिल में इस तरह का डर नहीं है।
क्या है यह ?
राजनीति या कूटनीति या अंधेर नगरी की तरह चौपट नीति ?

आशुतोष की कलम ने कहा…

मुझे लगता है आप सभी सम्मानित माताओं बहनों को एक दुसरे की बातों पर गौर करना चाहिए..
महिलाओं के बारे में स्तरहीन बातें कुछ लोगों ने की. और ब्लॉग जगत में कुछ लोगों ने एक अभियान चलाया है संगठित होते एक समाज विशेष को तोड़ने का..उसी क्रम में ये अगली कड़ी है..
पुरुष ब्लोगरों की कुश्ती रोज दिखती थी..मगर हमरी माताएं बहने हमेशा से जोड़ने का काम करती रहीं हैं..
ये मेरी व्यक्तिगत राय है की हम किसी एक व्यक्ति को हमारी शक्ति को आपस में लड़ाकर ख़तम करने का अधिकार नहीं दे सकते..
बाकि आप सभी प्रबुद्ध हैं...
जय श्री राम..

एस.एम.मासूम ने कहा…

अरे रचना जी यहाँ आप टिप्पणी पे टिप्पणी कर रही हैं और आप के कहने पे मैं अमन का पैग़ाम पे एक पोस्ट लिखी आप वहाँ नहीं आयी . अरे सहमती या असहमति से कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन कुछ कहना तो चाहिए ना.
और हाँ हमारिवानी के मार्गदर्शक मंडल मैं मैं भी हूँ अनवर जमाल को वहाँ से नहीं निकाला गया बल्कि अनवर खुद शोर मचा के वहाँ से हटे हैं. ग़लत बयानी सही नहीं.

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

@ आशुतोष जी ! आपके वर्गबंधुओं को भी इन दोनों सत्यघोषी लड़कियों का हमारे हक़ में गवाही देना सदा से ही अखरता आया है।
आपकी पीड़ा को हम सभी ख़ूब समझ रहे हैं। थोड़ी बहुत अक्ल दूसरे भी रखते हैं भाई ।

रचना ने कहा…

when ever we change from blogger in draft blogspot the settings change
the blog opens to writers only
this is google bug
and as soon i noticed it i corrected it

the blog was open for all since yesterday aftr manual correction
and this comes to knowledge only when a new post is posted and feed in not updated

डॉ0 अशोक कुमार शुक्ल ने कहा…

Eak baar maine bhi naari blog par kavitakosh ke baare me likha article dekha to uska link jodna chaha iske liye anurodh bheja to loutati mail se message mila ki aapse kuch galti hui hai yeh blog kewal aamantrit logo ke liye hai. Mujhe aaschrya hua ki jab blog ki post padi thi to aamantran waala message aaye bagair kaise khul gaya?

डॉ0 अशोक कुमार शुक्ल ने कहा…

Eak baar maine bhi naari blog par kavitakosh ke baare me likha article dekha to uska link jodna chaha iske liye anurodh bheja to loutati mail se message mila ki aapse kuch galti hui hai yeh blog kewal aamantrit logo ke liye hai. Mujhe aaschrya hua ki jab blog ki post padi thi to aamantran waala message aaye bagair kaise khul gaya?

डॉ0 अशोक कुमार शुक्ल ने कहा…

Eak baar maine bhi naari blog par kavitakosh ke baare me likha article dekha to uska link jodna chaha iske liye anurodh bheja to loutati mail se message mila ki aapse kuch galti hui hai yeh blog kewal aamantrit logo ke liye hai. Mujhe aaschrya hua ki jab blog ki post padi thi to aamantran waala message aaye bagair kaise khul gaya?

बी एस पाबला ने कहा…

अरे! यह कारनामे अभी भी हो रहे हैं!?

रचना ने कहा…

रचना said...

http://bhartiynari.blogspot.com/2011/08/blog-post.html

is blog par aap bhi haen aur yae post slut walk india me karvane vali mahila ki tarif mae haen

aur aap yahaan keh rahey haen

। किसी मजबूरी में ही वह बेहया होती है। जैसे हम वेश्याओं के बारे में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हैं, ऐसे ही ‘स्लट वॉक‘ में शामिल औरतों के बारे में भी हमें हमदर्दी के साथ उनकी पृष्ठभूमि जानने की ज़रूरत है।

shyaad shalini ji ki aankh ab bhi khul jaaye aur wo samjh sakey aap asli mae aurto ko kyaa samjtey haen
August 3, 2011 3:13 PM

yae kament yahaan daekar aayeei hun
http://hbfint.blogspot.com/2011/08/blog-post_5673.html

aap ko bhi bhej rahee hun

सतीश कुमार चौहान ने कहा…

हम बेहतर सोचे अेहतर लिखे बेहता पढे तब तो हम बेहतर हैं पही तो ये लडाई आज आपकी की हम सब की होगी